फरीदाबाद। नवजन मोर्चा समिति (रजि.) द्वारा संचालित ताऊ देवीलाल वृद्धाश्रम के संचालक एवं समाजसेवी किशन लाल बजाज अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर एक ऐसी भावुक और अनूठी मिसाल पेश करने जा रहे हैं, जिसकी पूरे शहर में चर्चा है। चिकित्सकों द्वारा गंभीर स्वास्थ्य स्थिति बताते हुए उन्हें आराम करने की सलाह दिए जाने के बाद उन्होंने अपनी दिवंगत पत्नी की स्मृति में एक विशेष निर्णय लिया है। उनके अनुसार वह जीते-जी अपनी और अपनी स्वर्गीय पत्नी की प्रतिमा वृद्धाश्रम परिसर में स्थापित करवाना चाहते हैं। यह आश्रम वर्षों से बेसहारा एवं जरूरतमंद बुजुर्गों की सेवा करता आ रहा है।
किशन लाल बजाज ने भावुक होकर बताया कि वह अपनी स्वर्गीय पत्नी से बेहद प्रेम करते थे। कुछ वर्ष पूर्व उनके निधन के बाद उनका जीवन बदल गया, लेकिन पत्नी की यादें आज भी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि जब डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनके पास समय बहुत कम है और अब उन्हें अधिकतर समय आश्रम में ही विश्राम करना चाहिए, तब उनके मन में यह इच्छा जागी कि वह अपने जीवनकाल में ही अपनी पत्नी के साथ अपनी प्रतिमा स्थापित कर जाएं।
उन्होंने कहा, “बाकी सब भगवान की मर्जी है। यदि ईश्वर ने चाहा तो और सेवा करूंगा, लेकिन यदि यही अंतिम समय है तो मेरी इच्छा है कि मैं और मेरी पत्नी की प्रतिमा इस आश्रम में रहे, ताकि आने वाली पीढ़ियां प्रेम, समर्पण और सेवा का संदेश प्राप्त करें।”
गौरतलब है कि किशन लाल बजाज पिछले कई वर्षों से ताऊ देवीलाल वृद्धाश्रम के माध्यम से सैकड़ों निराश्रित एवं बेसहारा बुजुर्गों को आश्रय, भोजन और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध करा रहे हैं। समाजसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान लंबे समय से सराहा जाता रहा है।

