समानता और न्याय के प्रतीक बाबा साहेब अंबेडकर को नमन- डॉ. मोहन तिवारी
डॉ. भीमराव अंबेडकर की याद में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित
फरीदाबाद। भारत के संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के महान पुरोधा डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की पुण्यतिथि (महापरिनिर्वाण दिवस) के अवसर पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट परिसर, नई दिल्ली में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें फरीदाबाद सेक्टर-12 निवासी समाजसेवी एवं अनशनकारी डॉ. मोहन तिवारी ने भी भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी सहित अनेक अधिवक्ताओं, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों एवं न्यायिक समुदाय के प्रतिनिधियों ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर डॉ. मोहन तिवारी ने कहा कि“डॉ. बी.आर. अंबेडकर सदी के महा जननायक थे। उनके विचार आज भी मानवता, समानता और सामाजिक न्याय की दिशा में समाज को निरंतर प्रेरित करते हैं।”
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के एग्जीक्यूटिव मेंबर मुकेश कुमार ने कहा कि“बाबा साहेब द्वारा राष्ट्रहित में किए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी दूरदर्शिता सदैव मार्गदर्शक रहेगी।”अधिवक्ता सुनील मेघानी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि“डॉ. अंबेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान विश्व के श्रेष्ठ संविधानों में से एक है। उनकी संवैधानिक दृष्टि भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला है।”एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड परवीन झा तथा एडवोकेट डॉ. रंजीत भारती ने भी डॉ. अंबेडकर के संवैधानिक मूल्यों को स्मरण करते हुए समाज में न्याय, समानता और संवैधानिक कर्तव्यों की जागरूकता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
अभी बीते संविधान दिवस के उपलक्ष्य में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सामाजिक संवैधानिक जागरूकता, सामाजिक विकास तथा जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव निखिल जैन एवं बार एसोसिएशन की सचिव प्रज्ञा बघेल द्वारा डॉ. मोहन तिवारी को सम्मानित किया गया। बताया जाता है कि डॉ. तिवारी पिछले छह वर्षों से संविधान जागरूकता अभियान लगातार चला रहे हैं। इस दौरान वे विभिन्न शहरों, शैक्षणिक संस्थानों, ग्रामीण क्षेत्रों और सार्वजनिक मंचों पर आमजन को संविधान के मूल अधिकारों, कर्तव्यों एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। इस वर्ष भी उन्होंने फरीदाबाद, दिल्ली, नोएडा तथा एनसीआर क्षेत्र में एक हजार से अधिक संविधान प्रतियाँ वितरित कर संवैधानिक जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके इन प्रयासों को देखते हुए उन्हें पूर्व में भी कई सामाजिक संगठनों, न्यायिक क्षेत्र के वरिष्ठ अधिवक्ताओं तथा राष्ट्रीय मंचों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

