– ‘तेरे मेरे सपने’ केंद्रों के माध्यम से परिवारों को जोड़ने की नई पहल, 25 वर्ष सफल वैवाहिक जीवन जी चुकी महिलाएं बनेंगी काउंसलर
– कुरुक्षेत्र प्रकरण में आयोग सख्त, न्याय दिलाने के लिए आयोग प्रतिबद्ध
फरीदाबाद, 08 जून। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ जहां संभव हो परिवारों को टूटने से बचाना और आपसी संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान करवाना है। उन्होंने बताया कि आज सोमवार को आयोजित जनसुनवाई में लगभग 33 मामलों की सुनवाई की गई। जिनमें से दो-तीन मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से समाधान कराया गया और इनमें से ज्यादातर मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा मामलों में संबंधित पक्षों को नोटिस भेजे जाने के बाद कई बार पुलिस और परिवार के सहयोग से समझौता हो जाता है, जो समाज और परिवार दोनों के लिए सकारात्मक परिणाम होता है।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि जनसुनवाई में आने वाले अधिकांश मामले आपसी संबंधों और विवाह संबंधी विवादों से जुड़े होते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में लगभग 60 प्रतिशत मामले ऐसे सामने आ रहे हैं जिनमें युवक-युवतियां सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से संबंध स्थापित करते हैं, लेकिन बाद में परिवारों को जानकारी नहीं होने या अन्य कारणों से विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। कई मामलों में विवाह का आश्वासन देकर संबंध बनाए जाते हैं और बाद में विभिन्न बहाने बनाकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जाता है। आयोग ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को सुनकर न्यायसंगत समाधान निकालने का प्रयास करता है।
उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के दौरान एक मामले में युवक के परिजनों द्वारा आयोग की कार्यवाही के दौरान अनुचित व्यवहार किया गया, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले को पुलिस के पास भेजा गया। आयोग किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव अथवा असम्मानजनक व्यवहार को गंभीरता से लेता है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने हाल ही में कुरुक्षेत्र में सामने आए नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर और शर्मनाक घटना है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी चिकित्सक ने बच्ची की पारिवारिक परिस्थितियों का लाभ उठाकर यौन शोषण किया। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि चिकित्सकीय जांच के दौरान महिला मरीज, विशेषकर नाबालिग बच्चियों के मामले में महिला स्टाफ अथवा नर्स की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती है। इसके बावजूद ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ द्वारा अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि मामले में लापरवाही पाए जाने पर ड्यूटी पर मौजूद तीन नर्सों के निलंबन तथा संबंधित पीएमओ को उनके पद से हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होना स्वाभाविक है। इस विषय पर किसी प्रकार की हड़ताल या विरोध का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाना और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि समाज में तेजी से बदलते सामाजिक संबंधों के कारण नए प्रकार की चुनौतियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप तथा सोशल मीडिया आधारित संबंधों से जुड़े विवादों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके कारण कई बार कानूनी और सामाजिक जटिलताएं उत्पन्न हो जाती हैं। उन्होंने समाज और अभिभावकों से युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने तथा पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने की अपील की।
महिला आयोग अध्यक्ष रेणु भाटिया ने बताया कि महिलाओं और परिवारों के परामर्श एवं पुनर्वास के लिए संचालित “तेरे मेरे सपने” केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। वर्तमान में देशभर में ऐसे 150 से अधिक केंद्र संचालित हैं, जिनमें हरियाणा में भी दो केंद्र कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही उन महिलाओं को आमंत्रित किया जाएगा जिनका वैवाहिक जीवन 25 वर्ष या उससे अधिक समय से सफलतापूर्वक चल रहा है तथा जो संयुक्त परिवार व्यवस्था में रह रही हैं। ऐसी महिलाओं के अनुभवों का लाभ उठाकर उन्हें परामर्शदात्री की भूमिका में जोड़ने की योजना है, ताकि परिवारों में संवाद, समझ और सामंजस्य को बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने कहा कि महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है तथा प्रत्येक पीड़ित महिला और बच्ची को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

