– नागरिकों को मिलेगी पारदर्शी, सरल और समयबद्ध राजस्व सेवाएं
– रजिस्ट्रेशन एवं इंतकाल प्रक्रियाओं में आएगी तेजी, कार्यालयों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत
फरीदाबाद, 22 जून।
उपायुक्त एवं जिला राजस्व अधिकारी आयुष सिन्हा ने बताया कि हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री 23 जून 2026 को दोपहर 2:30 बजे हरियाणा निवास, चंडीगढ़ से राज्य के नागरिकों को बड़ी सौगात देते हुए ‘ऑटो म्यूटेशन सिस्टम’ तथा ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ का शुभारंभ करेंगे। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित इन दोनों डिजिटल पहलों का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं नागरिक हितैषी बनाना है।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 को पूर्व में संचालित प्रणाली के सफल अनुभवों तथा नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर और अधिक उन्नत बनाया गया है। नई व्यवस्था में आवेदन प्रक्रिया को सरल किया गया है तथा प्रथम एवं द्वितीय पक्ष के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य बनाया गया है। एक से अधिक अधिकृत व्यक्तियों को जोड़ने की सुविधा, ऑनलाइन सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित प्रमाणीकरण, अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा तथा विभिन्न विभागों के डाटा का एकीकरण जैसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। इसके अलावा डीटीपी/एनओसी के लिए दस्तावेजों की भौतिक प्रतियां जमा कराने की आवश्यकता समाप्त कर ऑनलाइन सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि नई प्रणाली में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया गया है, जिससे फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगेगी, दस्तावेजों की प्रमाणिकता बढ़ेगी तथा ऑनलाइन सत्यापन से नागरिकों के समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही राज्य भर में रजिस्ट्रेशन सेवाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा ‘ऑटो म्यूटेशन सिस्टम’ का भी शुभारंभ किया जाएगा, जिसके तहत संपत्ति की रजिस्ट्री होते ही संबंधित इंतकाल स्वतः दर्ज हो जाएगा। अब नागरिकों को अलग से इंतकाल दर्ज करवाने के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। जिन मामलों में किसी अतिरिक्त जांच की जरूरत नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा, जबकि जांच आवश्यक होने वाले मामलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विरासत, पारिवारिक बंटवारे एवं न्यायालय की डिक्री आधारित इंतकाल मामलों का भी समयबद्ध निपटान किया जाएगा।
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि ऑटो म्यूटेशन प्रणाली लागू होने से रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रियाओं में बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नागरिक अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे और आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे लंबित इंतकाल मामलों में कमी आएगी, भूमि अभिलेखों का रिकॉर्ड तेजी से अपडेट होगा तथा किसानों एवं भूमि स्वामियों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा लंबित इंतकाल मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान भी संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत निर्धारित समयावधि में सभी लंबित मामलों के समाधान का लक्ष्य रखा गया है। इन दोनों नई पहलों के लागू होने से राजस्व प्रशासन की कार्यकुशलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

