फरीदाबाद। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास की ओर से संकल्पित रजत शिला का आगमन आज फरीदाबाद में हुआ जहां न्यास के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक रूप सिंह नागर ने सपरिवार पूजन किया।
इस अवसर पर न्यास के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक रूप सिंह नागर ने कहा कि हम जन्मभूमि का शांतिपूर्ण एवं स्थाई हल चाहते हैं। भगवान के जन्म स्थल पर कब्जा करने वाले भी भारत के ही निवासी हैं। हमने उनसे कहा है कि वह भी अपने मजहब का स्थान अन्यत्र बना लें। इसके लिए हम उन्हें कई गुना जमीन देने के लिए तैयार हैं और निर्माण में भी आर्थिक सहयोग करेंगे। लेकिन जन्मभूमि हमें सौंप दें जिससे कि बाल स्वरूप में मौजूद भगवान को भोग लगने की व्यवस्था एवं पूजन प्रारंभ हो सके।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण में प्रयोग होने के लिए संकल्पित रजत शिला के यहां पहुंचने पर बड़ी संख्या में अन्य नगरवासी भी मौजूद रहे और सभी ने हर्ष एवं उल्लास के साथ पुष्प वर्षा की।
ज्ञात हो कि इस पवित्र रजत शिला का सर्वप्रथम सरयू नदी में स्नान तथा आरती दर्शन के पश्चात हनुमानगढ़ी मंदिर में देहरी पूजन और राम मंदिर में दर्शन के बाद देश भर में भक्तों के बीच ले जाया जा रहा है। न्यास के अध्यक्ष एवं याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष पूज्य संत नृत्य गोपाल दास जी महाराज द्वारा भी इस संकल्पित रजत शिला का विधि-विधान से पूजन किया गया है। इसके पश्चात मथुरा स्थित सुदामा कुटी में साधु-संतों द्वारा भी श्रद्धा और धूमधाम के साथ रजत शिला का पूजन किया गया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर राधा नन्द गिरी जी, मधुवन पीठाधीश्वर हरिदास बाबा, ललिता गिरी, जय राम शर्मा, यात्रा प्रभारी राजेश पाठक, अराधना सौलंकी, इन्द्र देव कौशिक, सुखराम सिंह कमल, कन्हैया कौशिक आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

