फरीदाबाद। डीएवी सेंटेनरी कॉलेज में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के नए ढांचे की तैयारी और दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया पर केंद्रित तीन दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। अंतिम दिन प्रतिभागियों को गहन एवं ज्ञानवर्धक शिक्षण अनुभव प्राप्त हुआ। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक श्री पीयूष एम. पहाड़े, अध्यक्ष, आईक्यूएसी क्लस्टर ने नैक के प्रमुख मापदंड 7, 8, 9 और 10 पर विशेष जोर देते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी दस आवश्यक विशेषताओं को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया। व्यावहारिक उदाहरणों और चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रत्यायन प्रक्रिया की गहरी समझ हासिल हुई।
कार्यक्रम में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 95 से अधिक शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न मापदंडों से जुड़े सवाल पूछे, जिससे सत्र अधिक संवादात्मक और उपयोगी बना। सभी उपस्थित लोगों ने मुख्य वक्ता के ज्ञान और प्रस्तुति की सराहना की।
डीएवी कॉलेज, करनाल के कला संकाय के सदस्यों ने भी कार्यशाला में भाग लेकर आयोजन की सराहना की और मुख्य वक्ता के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह कार्यक्रम व्हाइट कोड के सहयोग से आयोजित किया गया। आयोजन में आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. जितेंद्र ढुल और सहायक समन्वयक डॉ. ललिता ढिंगरा के मार्गदर्शन में अनुसंधान प्रकोष्ठ का विशेष योगदान रहा। संयोजिका डॉ. बिंदू रॉय के नेतृत्व में डॉ. इमरान खान, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. निशा सिंह, डॉ. रश्मी रतूड़ी, सुश्री रविंदर कौर और श्री प्रमोद कुमार ने हाइब्रिड मोड में कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित किया।
समापन सत्र में डॉ. बिंदू रॉय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए डीएवी कॉलेज प्रबंधन समिति और कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शैक्षणिक संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, पारदर्शिता और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

