फरीदाबाद, अगस्त। केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है और युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा तथा सामर्थ्य के बल पर ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, सशक्त, अनुशासित और जागरूक युवा राष्ट्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। युवाओं को खेलों से जोड़ना और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर फरीदाबाद में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज, सेक्टर-16 स्थित नेहरू कॉलेज तथा अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और युवाओं ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के युवाओं को संबोधित किया और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने, खेलों से जुड़ने तथा स्वस्थ जीवनशैली को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा देश है और देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यही युवा शक्ति भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले लगभग 12 वर्षों में युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मुद्रा योजना के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने के अवसर मिले हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश के युवा विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। विशेष रूप से अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया है। स्टार्टअप के क्षेत्र में भी युवाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में प्रतिभा और कुछ नया करने का जज्बा है तथा उन्हें अपनी ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि देश के गांवों, कस्बों और दूर-दराज के क्षेत्रों में अनेक खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें उचित अवसर, प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। ‘खेलो इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जमीनी स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी भारत में कराने का प्रयास देश के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। आज पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चे आने वाले समय में 15 से 25 वर्ष के युवा होंगे और वे ओलंपिक, एशियन गेम्स, राष्ट्रमंडल खेलों तथा पैरालंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में भी पिछले लगभग आठ वर्षों से तीन दिवसीय सांसद खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच मिल रहा है।
कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि खेलों का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं है। खेल युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। नियमित खेल गतिविधियों से युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। साथ ही खेल उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में भी प्रभावी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत, लगन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
सेक्टर-16 स्थित नेहरू कॉलेज में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में नगर निगम की महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके मानसिक और व्यक्तित्व विकास के लिए भी बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि नियमित खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे गुण विकसित होते हैं। ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहल युवाओं को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
महापौर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय भागीदारी करने और अपनी फिटनेस को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी युवा ही देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करेंगे।
कार्यक्रम में पैरालंपिक खिलाड़ी सिंहराज अधाना ने भी युवाओं के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का माध्यम हैं, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और सफलता की भावना को मजबूत करने का भी प्रभावी साधन हैं।
अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में यूनिक ऑटो रबर उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर रविंदर गर्ग तथा फेंसिंग की स्थानीय खिलाड़ी पलक गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल, डीआईओ विपिन गुप्ता, जिला युवा अधिकारी प्रियंका, एनआईएस कोच एवं निशानेबाज मोनू कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह देखने को मिला और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे से दूर रहने तथा अपनी प्रतिभा को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

