फरीदाबाद, जून। स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक आधारित नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मारेन्गो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद ने रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के लिए देश का पहला ‘टेली-प्रॉक्टर रोबोटिक सर्जरी’ मेंटरशिप कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों के मरीजों को उनके ही क्षेत्र में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराना है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह मरीज-केंद्रित कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने, मरीजों की यात्रा संबंधी परेशानियों को कम करने तथा उपचार की लागत घटाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से विशेषज्ञ सर्जन दूर बैठे ही सर्जरी का मार्गदर्शन कर सकेंगे, जिससे छोटे शहरों के मरीजों को भी महानगरों जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इस कार्यक्रम के तहत हरियाणा के पलवल निवासी 67 वर्षीय महिला की रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गई। सर्जरी का संचालन पलवल स्थित सेंटर में डॉ. इंदरजीत सिंह ने किया, जबकि फरीदाबाद स्थित मारेन्गो एशिया हॉस्पिटल से वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक एवं रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. अनुराग अग्रवाल ने रियल-टाइम टेली-प्रॉक्टरिंग के माध्यम से पूरी प्रक्रिया का मार्गदर्शन किया।
मारेन्गो एशिया हॉस्पिटल्स के क्लिनिकल डायरेक्टर एवं ऑर्थोपेडिक्स तथा रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के प्रमुख डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि टेली-प्रॉक्टरिंग अनुभवी रोबोटिक विशेषज्ञों की देखरेख में सर्जनों को लाइव सर्जिकल प्रक्रियाओं के दौरान मार्गदर्शन प्रदान करती है। इससे तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावहारिक सर्जिकल दक्षता के बीच की दूरी कम होती है तथा सर्जरी की सटीकता, सर्जन का आत्मविश्वास और मरीज का अनुभव बेहतर बनता है।
उन्होंने बताया कि पलवल जैसे शहरों में रोबोटिक तकनीक के माध्यम से नी रिप्लेसमेंट के कई सफल मामले किए जा चुके हैं। ‘टेली-प्रॉक्टरशिप’ एक ऐसी उन्नत व्यवस्था है, जिसमें विशेषज्ञ रोबोटिक सर्जन दूरस्थ स्थान से सर्जरी की निगरानी और मार्गदर्शन कर सकते हैं। इससे मरीजों और चिकित्सकों दोनों को लाभ मिलता है।
डॉ. अग्रवाल के अनुसार रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की सफलता काफी हद तक प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग, इम्प्लांट साइजिंग, लिंब अलाइनमेंट, इम्प्लांट पोजिशनिंग तथा गैप बैलेंसिंग जैसी प्रक्रियाओं पर निर्भर करती है। टेली-प्रॉक्टरशिप के माध्यम से विशेषज्ञ इन सभी पहलुओं का दूरस्थ रूप से मूल्यांकन और मार्गदर्शन कर सकते हैं, जिससे बेहतर एवं सटीक परिणाम सुनिश्चित होते हैं।
तकनीक के सहारे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
मारेन्गो एशिया हॉस्पिटल्स की यह पहल देश में रोबोटिक सर्जरी को नए आयाम देने के साथ-साथ छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों तक अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में टेली-प्रॉक्टरिंग मॉडल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

