बल्लभगढ़, 25 जून। संविधान हत्या दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी फरीदाबाद महानगर द्वारा गुरुवार को एसडीएम कार्यालय, बल्लभगढ़ परिसर में आपातकाल (25 जून 1975) विषयक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोकतंत्र, संविधान और नागरिक स्वतंत्रताओं पर आपातकाल के दौरान हुए प्रहारों को स्मरण करते हुए उस कालखंड की ऐतिहासिक घटनाओं और तथ्यों को प्रदर्शनी के माध्यम से जनमानस के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान लागू की गई नीतियों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए गए प्रतिबंधों, प्रेस सेंसरशिप, राजनीतिक नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़े प्रभाव को विभिन्न चित्रों, दस्तावेजों और विवरणों के माध्यम से दर्शाया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के लोकतांत्रिक इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय से परिचित कराना तथा संविधान और लोकतंत्र के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में भाजपा फरीदाबाद महानगर के जिला अध्यक्ष श्री सोहन पाल सिंह, बल्लभगढ़ के विधायक श्री मूलचंद शर्मा, एनआईटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सतीश कुमार फागना, विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए आपातकाल के दौर को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कालखंड बताया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक ऐसी घटना थी, जिसने संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि देश की जनता विशेषकर युवा पीढ़ी इतिहास के ऐसे अध्यायों से परिचित रहे और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग बनी रहे।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, संविधान की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। साथ ही देशवासियों से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा संविधान के मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण, लोकतांत्रिक चेतना और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के संदेश के साथ हुआ। प्रदर्शनी में आए नागरिकों ने भी लोकतंत्र की मजबूती और संविधान की मर्यादा को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की तथा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया।

