फरीदाबाद, 25 जून। विश्व विटिलिगो जागरूकता दिवस के अवसर पर फरीदाबाद के सेक्टर-16 स्थित मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को विटिलिगो (सफेद दाग) के प्रति जागरूक करना तथा इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करना था। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि विटिलिगो न तो छुआछूत की बीमारी है और न ही यह जानलेवा होती है। समय पर पहचान और आधुनिक उपचार से इसके प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल के. वी. मिंज ने बताया कि विटिलिगो एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली त्वचा को रंग प्रदान करने वाली मेलानोसाइट कोशिकाओं पर हमला कर देती है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा पर सफेद धब्बे दिखाई देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि चेहरे, हाथ-पैर अथवा शरीर के अन्य हिस्सों पर सफेद दाग दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
डॉ. मिंज ने बताया कि वर्तमान समय में विटिलिगो के उपचार के लिए स्टेरॉयड एवं नॉन-स्टेरॉयड क्रीम, इम्यूनोमॉड्यूलेटरी दवाओं के साथ-साथ नैरोबैंड यूवीबी और यूवीए जैसी आधुनिक लाइट थेरेपी उपलब्ध हैं। मरीज की स्थिति और बीमारी की गंभीरता के अनुसार उपचार निर्धारित किया जाता है। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार शुरू होने पर त्वचा का प्राकृतिक रंग काफी हद तक वापस लाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने इस अवसर पर यह भी बताया कि विटिलिगो शरीर को कोई प्रत्यक्ष नुकसान नहीं पहुंचाता और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। इसके बावजूद समाज में फैली गलत धारणाओं और पूर्वाग्रहों के कारण मरीजों को मानसिक तनाव, सामाजिक असहजता और आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए समाज में जागरूकता बढ़ाने और मरीजों को भावनात्मक सहयोग प्रदान करने की आवश्यकता है।
अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की कि सफेद दाग को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह, अंधविश्वास या घरेलू उपचार पर भरोसा न करें, बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह लेकर उचित जांच और उपचार कराएं। प्रबंधन ने कहा कि सही जानकारी, समय पर निदान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से विटिलिगो से प्रभावित व्यक्ति भी सामान्य एवं आत्मविश्वासपूर्ण जीवन जी सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने विशेषज्ञों से त्वचा संबंधी विभिन्न समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा अपने सवालों के समाधान भी प्राप्त किए।

