फरीदाबाद। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सेक्टर-21डी स्थित एकात्म पार्क में श्री हरि देव अंतर्राष्ट्रीय सेवा संघ के तत्वावधान में आयोजित विशाल एकदिवसीय योग शिविर में हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग शिविर में उष्ट्रासन, प्राणायाम एवं विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया तथा योग के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई।
शिविर को संबोधित करते हुए श्री हरि देव अंतर्राष्ट्रीय सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अश्वनी गौड़ ने हजारों योग साधकों को उष्ट्रासन का अभ्यास करवाया और इसके स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस आसन में शरीर की आकृति ऊंट के समान बनने के कारण इसे उष्ट्रासन कहा जाता है। आधुनिक जीवनशैली में लगातार आगे झुककर कार्य करने से रीढ़ की प्राकृतिक संरचना प्रभावित होती है, जबकि उष्ट्रासन रीढ़ की विकृतियों को दूर करने में अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने कहा कि यह आसन स्लिप डिस्क, स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याओं में लाभकारी होने के साथ-साथ छाती, फेफड़ों, उदर और जांघों को भी सुदृढ़ बनाता है।
डॉ. गौड़ ने बताया कि नियमित रूप से उष्ट्रासन करने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है, फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है तथा हृदय मजबूत होता है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य, किशोर-किशोरियों के शारीरिक विकास और मानसिक संतुलन के लिए भी इस आसन को उपयोगी बताया। साथ ही उन्होंने लोगों को प्रतिदिन 10 से 15 बार गहरी श्वास लेने तथा शरीर की आवश्यकता के अनुसार 2 से 5 लीटर पानी पीने की सलाह दी।
योग शिविर में डॉ. गौड़ ने महर्षि पतंजलि के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली और आज दुनिया के 250 से अधिक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। भारत ने विश्व को योग, व्याकरण और आयुर्वेद जैसी महान परंपराएं प्रदान की हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं राष्ट्रीय सद्भाव प्रमुख अशोक बेरी ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मन और आत्मा को शुद्ध करने की जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भागदौड़ भरे वर्तमान जीवन में मानसिक शक्ति और प्राणशक्ति को जागृत करने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। योग की गुरु-शिष्य परंपरा मानव जीवन को सुखी, संतुलित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने का सर्वोत्तम मार्ग है।
इससे पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय गीत विद्या प्रमुख ने गीतों के माध्यम से योग साधकों को आध्यात्मिकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में क्रीड़ा भारती मेरठ प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री उमेश जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मेरठ से आए संगठन के प्रदेश संरक्षक नंद किशोर जी ने सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों का परिचय कराया और योग के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर संघ चालक संजय अरोड़ा ने की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा सभी अतिथियों, योग शिक्षकों, साधकों, प्रतिभागियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
शिविर का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर गुरुग्राम से आए प्रांत संपर्क प्रमुख प्रदीप जी, सह प्रांत बौद्धिक प्रमुख ऋषिपाल जी अधिवक्ता, सहसंघचालक अशोक जी, रॉयल कॉलेज के संस्थापक के.पी. सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सुरेंद्र जांगड़ा, सतीश गौतम, मनीष सिंह, वीरेंद्र सिंह रावत, धर्मवीर सिंह बिधूड़ी, मनीषा चौधरी, मोनिका रावत, प्रेमलता चिकारा, चंचल सोनी, कुसुम शर्मा, वीना सिंह, गीता कौशिक, संगीता नेगी, कुसुम बिष्ट, हरिदर्शन, महेश शर्मा, अवतार अहलावत, जोगेंद्र हुड्डा एवं आरडब्ल्यूए प्रधान जगदीश अधाना सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और योग प्रेमियों ने भाग लिया।
क्षेत्रवासियों ने श्री हरि देव अंतर्राष्ट्रीय सेवा संघ द्वारा आयोजित इस भव्य योग शिविर की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य जागरूकता और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

