फरीदाबाद, प्रतिनिधि। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस की रोड सेफ्टी सेल द्वारा दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), ग्रेटर फरीदाबाद में सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंधन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल बस चालकों, परिवहन विभाग के कर्मचारियों तथा प्रशासनिक स्टाफ को सुरक्षित यातायात व्यवहार और सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में ट्रैफिक पुलिस की रोड सेफ्टी सेल, इंडिपेंडेंट राइडर ग्रुप के प्रतिनिधि यश मेंदिरत्ता तथा रेडियो महारानी 89.6 एफएम की टीम ने सक्रिय सहभागिता निभाई। विशेषज्ञों ने उपस्थित प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा के महत्व और जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूक किया।
रोड सेफ्टी सेल के अधिकारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने कहा कि स्कूल बस चालक विद्यार्थियों की सुरक्षा की पहली कड़ी होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित रूप से स्कूल से घर और घर से स्कूल पहुंचाना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसे यातायात नियमों के पालन, अनुशासित ड्राइविंग और सतर्कता के माध्यम से ही प्रभावी ढंग से निभाया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों और उनसे बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान बस चालकों और परिवहन कर्मियों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सीट बेल्ट के उपयोग, वाहनों की नियमित तकनीकी जांच, स्कूल बस संचालन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को बस में चढ़ाने और उतारने के समय विशेष सतर्कता बरतने का संदेश भी दिया गया।
इंडिपेंडेंट राइडर ग्रुप के प्रतिनिधि यश मेंदिरत्ता और रेडियो महारानी 89.6 एफएम की टीम ने भी प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी बस चालकों, परिवहन कर्मियों एवं विद्यालय कर्मचारियों ने सड़क सुरक्षा की शपथ लेते हुए संकल्प लिया कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करेंगे और समाज में भी सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे।

