फरीदाबाद | 04 फरवरी 2026
हरियाणा की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने वाला 39वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला–2026 लगातार अपनी अंतरराष्ट्रीय साख को मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने मंगलवार को सूरजकुंड मेला परिसर का निरीक्षण किया और मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान पर्यटन निदेशक ने देश-विदेश से आए दुकानदारों और शिल्पकारों से सीधे संवाद किया। उन्होंने स्टॉल संचालकों से बिक्री की स्थिति, पर्यटकों की संख्या, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक सहयोग को लेकर फीडबैक प्राप्त किया।
दुकानदारों से सीधा संवाद, व्यवस्थाओं की समीक्षा
पार्थ गुप्ता ने मेले में लगाए गए विभिन्न राज्यों और देशों के स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पादों और पारंपरिक कलाओं की सराहना करते हुए कहा कि सूरजकुंड मेला भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अनूठा उदाहरण है।
निरीक्षण के समय दुकानदारों ने बिजली, पानी, साफ-सफाई, सुरक्षा, पार्किंग और पर्यटकों की आवाजाही से जुड़ी व्यवस्थाओं पर अपने अनुभव साझा किए। निदेशक ने आश्वस्त किया कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा, ताकि कलाकारों और पर्यटकों दोनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत कर रहा सूरजकुंड मेला
पर्यटन निदेशक पार्थ गुप्ता ने कहा कि सूरजकुंड शिल्प मेला केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की कला, संस्कृति और परंपराओं को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बढ़ती विदेशी भागीदारी यह दर्शाती है कि मेला अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत छाप छोड़ रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले की हर व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान पार्थ गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:
मेले में साफ-सफाई की नियमित मॉनिटरिंग की जाए
यातायात और पार्किंग व्यवस्था को सुचारू रखा जाए
पेयजल और शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना पर्यटन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पर्यटकों और कलाकारों के हित सर्वोपरि
पर्यटन निदेशक ने कहा कि सूरजकुंड मेले में आने वाला हर पर्यटक और हर कलाकार विभाग के लिए महत्वपूर्ण है। उनका उद्देश्य है कि मेले से जुड़ा प्रत्येक व्यक्ति एक सकारात्मक और यादगार अनुभव लेकर लौटे।
उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से ही इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाया जा सकता है, और इस दिशा में सभी एजेंसियां मिलकर कार्य कर रही हैं।
सफल आयोजन को लेकर जताया विश्वास
निरीक्षण के अंत में पार्थ गुप्ता ने पर्यटन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला देश-विदेश के पर्यटकों के लिए न केवल आकर्षण का केंद्र बना रहेगा, बल्कि हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

