12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अंबाला के सेक्टर-10 खेल स्टेडियम में आयोजित भव्य योग शिविर में किया योगाभ्यास, उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों को किया सम्मानित
फरीदाबाद। “करें योग, रहें निरोग” यही स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का मूल मंत्र है। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने वाली भारत की हजारों वर्षों पुरानी जीवन पद्धति है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। आज जब पूरी दुनिया “स्वस्थ आयु के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, तब यह स्पष्ट हो रहा है कि भारत की प्राचीन संस्कृति, ज्ञान और जीवन दर्शन वैश्विक कल्याण का आधार बन रहे हैं।
यह विचार हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अंबाला के सेक्टर-10 खेल स्टेडियम में आयोजित भव्य योग शिविर में व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने हजारों योग साधकों के साथ योगाभ्यास किया तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा नागरिकों का अभिनंदन करते हुए योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि योग भारत की वह अमूल्य धरोहर है, जिसने समय और सीमाओं की सभी बाधाओं को पार करते हुए पूरी मानवता को स्वस्थ और संतुलित जीवन का संदेश दिया है। योग व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही सशक्त नहीं बनाता, बल्कि मानसिक दृढ़ता, आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच भी प्रदान करता है। स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा व्यक्तित्व वही है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी शांत, संयमित और सक्रिय बना रहे तथा योग व्यक्ति को यही शक्ति प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती भागदौड़ के कारण तनाव, अवसाद, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा हृदय रोग जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग किसी “पॉज बटन” की तरह है, जो व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है और जीवन में संतुलन स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हमारी पुरातन जीवन शैली में योग, व्यायाम और शारीरिक श्रम स्वाभाविक रूप से शामिल थे। खेत-खलिहानों में कार्य करना, पैदल चलना और प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना हमारी संस्कृति का हिस्सा था, जिसके कारण लोग अधिक स्वस्थ, ऊर्जावान और दीर्घायु होते थे।
श्री विपुल गोयल ने कहा कि तकनीक ने जीवन को आसान अवश्य बनाया है, लेकिन शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण अनेक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को मोटापे के प्रति जागरूक करते हुए इसे चिंता का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा योग, व्यायाम या पैदल चलने के लिए निकाले, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप योग आज वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिए जाने और 177 देशों द्वारा इस प्रस्ताव का समर्थन किए जाने ने विश्व मंच पर भारत की सांस्कृतिक शक्ति और प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। आज न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लेकर पेरिस, लंदन, टोक्यो, सिडनी और दुबई तक करोड़ों लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है कि विश्व योग को भारत की अमूल्य देन के रूप में स्वीकार कर रहा है।
कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया तथा खाड़ी देशों में योग को स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक शांति का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी शारीरिक गतिविधियों और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर बल देता है तथा योग इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। योग ने भारत को केवल “विश्व गुरु” की पहचान ही नहीं दिलाई, बल्कि “विश्व कल्याण” के मार्गदर्शक के रूप में भी स्थापित किया है। आज “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” का मंत्र संपूर्ण मानवता को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य कर रहा है।
श्री विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेशवासियों के स्वस्थ जीवन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक बनाना है। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश के 6,500 गांवों में चरणबद्ध तरीके से व्यायामशालाएं स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा सैकड़ों व्यायामशालाओं का निर्माण पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गठित हरियाणा योग आयोग योग को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। इसके साथ ही ‘योग युक्त-नशा मुक्त’ अभियान युवाओं को सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान कर रहा है और समाज को नशामुक्त एवं संस्कारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में आयुष औषधालयों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और योग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि नागरिक स्वस्थ और निरोग जीवन जी सकें।
कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि योग केवल रोगों से बचाव का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, संयम, आत्मबल और सामाजिक समरसता का भी आधार है। योग हमें “मैं” से “हम” की यात्रा का संदेश देता है और विश्व शांति, सह-अस्तित्व तथा मानव कल्याण की भावना को मजबूत करता है। सफलता और असफलता, सुख और दुःख, अनुकूलता और प्रतिकूलता में संतुलित बने रहने की शक्ति योग से ही प्राप्त होती है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिवस, आयोजन या उत्सव तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन का संस्कार बनाएं। स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ परिवार, स्वस्थ परिवार से स्वस्थ समाज और स्वस्थ समाज से विकसित राष्ट्र का निर्माण होता है। आइए, हम सभी “फिट हरियाणा-स्वस्थ हरियाणा” तथा “विकसित भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए योग को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। जब प्रत्येक नागरिक स्वस्थ, जागरूक और ऊर्जावान होगा, तभी विकसित हरियाणा और विकसित भारत का सपना साकार होगा।
उन्होंने कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और मानव कल्याण के विचार का जीवंत प्रतीक है। योग से ही निरोग भारत, समर्थ भारत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। इसी भावना के साथ उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

