बुढ़िया नाला सहित मुख्य ड्रेनों की सफाई में तेजी लाने के निर्देश, ड्रोन वीडियोग्राफी से होगी मॉनिटरिंग

– डीसी ने कहा, उच्च स्तर पर रोजाना ‘बिफोर-आफ्टर’ मॉनिटरिंग जारी

– सफाई के दौरान निकलने वाली गाद (सिल्ट) का वैज्ञानिक एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो: डीसी

– क्रिटिकल पॉइंट्स पर बैंक स्ट्रेंथनिंग कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश

– संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर प्रभावी व परिणामोन्मुखी कार्य करें

 

फरीदाबाद, 25 अप्रैल। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने आज शनिवार को आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर शहर को जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से निजात दिलाने के उद्देश्य से बुढ़िया नाला सहित विभिन्न प्रमुख नालों की सफाई व्यवस्था का व्यापक एवं गहन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी नालों एवं ड्रेनों की सफाई कार्य को तय समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि वर्षा ऋतु के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान डीसी आयुष सिन्हा ने बुढ़िया नाला सहित अन्य संवेदनशील एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों का दौरा कर सफाई कार्य की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नालों में जमी गाद (सिल्ट) को पूर्ण रूप से हटाया जाए तथा जल निकासी की क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए।

डीसी ने विशेष रूप से कहा कि सफाई कार्य की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ड्रोन के माध्यम से नियमित वीडियोग्राफी करवाई जाए तथा ‘बिफोर-आफ्टर’ आधार पर दैनिक प्रगति रिपोर्ट उच्च स्तर पर प्रस्तुत की जाए, जिससे कार्य की सतत निगरानी सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्य इस प्रकार किया जाए कि बरसात के मौसम में शहर के किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों को पर्याप्त मशीनरी एवं मैनपावर तैनात करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि नालों से निकाली गई गाद (सिल्ट) का समयबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पुनः जल निकासी प्रणाली प्रभावित न हो। जिन स्थानों पर जल निकासी में अवरोध उत्पन्न हो रहा है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अतिरिक्त डीसी आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्रिटिकल एवं सेंसिटिव पॉइंट्स पर विशेष सतर्कता एवं अलर्ट निगरानी रखी जाए। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि एयरफोर्स स्टेशन तिलपत, बादशाहपुर एवं अलीपुर तिलोरी जैसे कुछ क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील हैं, जहां नदी के किनारे (रिवर बैंक) कमजोर होने के कारण पानी खेतों में प्रवेश कर जाता है।

इस पर डीसी ने निर्देश दिए कि ऐसे सभी स्थलों पर बैंक स्ट्रेंथनिंग (तटबंध सुदृढ़ीकरण) का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि जल प्रवाह सुचारू बना रहे और कृषि भूमि को नुकसान से बचाया जा सके।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों में पारस्परिक सहयोग एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

डीसी आयुष सिन्हा ने पुनः दोहराया कि शहर को जलभराव की समस्या से मुक्त रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करना सुनिश्चित किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान एफएमडीए के चीफ इंजीनियर विशाल बंसल, नगर निगम, सिंचाई विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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