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फरीदाबाद, 30 अप्रैल। जिला बाल कल्याण परिषद, फरीदाबाद में बाल विवाह निषेध अधिनियम पर आधारित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला बाल कल्याण अधिकारी पिंकी एवं उनकी टीम द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारीगण सक्रिय रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाना, इसके कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना तथा समाज को बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित करना रहा।

हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद मानद महासचिव सुषमा गुप्ता ने बतौर मुख्यातिथि कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी बांके बिहारी एवं शिक्षक देवेंद्र उंचा उपस्थित रहे |

महासचिव सुषमा गुप्ता ने कहा कि “बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। इस पर रोकथाम के लिए समाज, सरकार और संस्थाओं को मिलकर कार्य करना होगा।

कार्यक्रम में शारदा अधिनियम, 1929 की ऐतिहासिक भूमिका और बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की वर्तमान कानूनी संरचना पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बाल विवाह के उन्मूलन हेतु एक सामूहिक संकल्प लिया और साथ ही इस प्रेरक संकल्प ने उपस्थित सभी लोगों को बाल अधिकारों की रक्षा हेतु व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने की भावना से प्रेरित किया।

इस अवसर पर परियोजना अधिकारी अनिल मोरवाल सहित समस्त स्टाफगण मौजूद रहा।

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